अपना मध्यप्रदेश मुख्य खबरें

हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल: महाशिवरात्रि में दरगाह पर लगता है 3 दिन का मेला, जानें इतिहास…

Mahashivratri Satna Mela: दरगाह को वैसे तो मुस्लिम धर्म से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन सतना की एक दरगाह पर हिंदुओं का मेला लगता है. सतना से करीब 15 किलोमीटर दूर सराय में मान शहीद बाबा की दरगाह पर महाशिवरात्रि के अवसर पर 3 दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है. इस मौके पर आस-पास […]
Updated At: Feb 19, 2023 13:01 PM
Tomb, Majar, Mahashivratri, Mela, Satna, Madhya Pradesh, MP News
फोटो: योगीतारा दूसरे

Mahashivratri Satna Mela: दरगाह को वैसे तो मुस्लिम धर्म से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन सतना की एक दरगाह पर हिंदुओं का मेला लगता है. सतना से करीब 15 किलोमीटर दूर सराय में मान शहीद बाबा की दरगाह पर महाशिवरात्रि के अवसर पर 3 दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है. इस मौके पर आस-पास के लोग यहां पर माथा टेकने के लिए भी पहुंचते हैं और शिवरात्रि के मेले का आनंद लेते हैं. हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्मों के लोग पहुंचते हैं, एकता की मिसाल इस दरगाह का इतिहास 7वीं शताब्दी से जुड़ा माना जाता है.

सतना के सराय में शिवरात्रि के मौके पर मेले की रौनक देखने लायक होती है. इन दिनों दरगाह के आस-पास का इलाका खाने-पीने और खिलौनों जैसी कई दुकानों से सज जाता है. माना जाता है कि ये परंपरा 7वी शताब्दी से चली आ रही है. मजार पर साल में दो बार मेला लगता है. एक हिंदुओं के त्योहार शिवरात्रि के मौके पर तो वहीं दूसरी बार मुस्लिम त्योहार उर्स के मौके पर इस दरगाह पर मेला लगता है.

डेढ़ हजार साल पुराना है दरगाह का इतिहास
इस मेले और दरगाह का इतिहास 7वीं सदी से जुड़ा हुआ है. मान्यता है कि लगभग डेढ़ हजार साल पहले अरब देश के बगदाद शहर से घोड़े पर सवार होकर दो भाई बाबा मान और चांद धर्म पताका लेकर निकले. अलग-अलग घोड़ों पर सवार दोनों भाई एक रोज कोढ़ा गांव की उसी बारादरी पर पहुंचे जहां आज उनकी दरगाह है. लोगों की माने तो इस जगह पर पान बेचने वाली की दुकान थी. कहते हैं कि सिर विहीन बाबा चांद ने जब महिला से खाने के लिए पान मांगा तो उसने उन पर व्यंग्य कसा. कहते हैं कि इससे नाराज होकर दोनों भाई वहीं धरती में समा गए.

यह पढ़ें: कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में सीएम शिवराज, राजनीतिक हलचल तेज; जानें दोनों नेताओं के कार्यक्रम

दरगाह पर मन्नत मांगने पहुंचते हैं लोग
सैकड़ों वर्ष पुरानी इस दरगाह पर में लोगों का गहरा विश्वास है. साल में दो बार महाशिवरात्रि और उर्स पर यहां भव्य मेला लगता है. इतना ही नहीं हर गुरुवार को बीमारियों से पीडि़त लोग रोगों से मुक्ति के लिए दरगाह पर पर पहुंचते हैं. सैकड़ों लोग मन्नत मांगने के लिए सराय की यहां पर पूरी होती हैं.

मध्य प्रदेश की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए Mp Tak पर क्लिक करें

1 Comment

Comments are closed.

शर्मिला टैगोर की हसीन अदाओं पर क्लीन बोल्ड हो गए थे क्रिकेटर टाइगर पटौदी खजुराहो में ऐसा क्या हुआ कि बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड? देखिए खास तस्वीरें पढ़ने में सबसे ज्यादा होशियार होते हैं इस मूलांक वाले लोग, बनते हैं बड़े अफसर जब लगे कि जिंदगी में अब कुछ नहीं बचा, तब दिव्यकीर्ति सर का ये सूत्र पार लगा देगा नैया गुस्से में आगबबूला हो जाते हैं इस तारीख को जन्में लोग, पलभर में तोड़ देते हैं रिश्ते खूबसूरती में IAS टीना डाबी को टक्कर देती हैं MPPSC टॉपर प्रिया पाठक, देखें तस्वीरें इस तारीख को जन्म लेने वाली लड़कियों में होता है IAS बनने का जन्मजात गुण वसंत में खिल जाती है ‘सतपुड़ा की रानी’, इस हिल स्टेशन की खूबसूरती देख रह जाएंगे हैरान बला की खूबसूरत होती हैं इस तारीख में जन्मीं लड़कियां, ऐश्वर्या का नाम भी है इस लिस्ट में बॉलीवुड की कौन सी एक्ट्रेस है विकास दिव्यकीर्ति की पहली पसंद? जान लीजिए करोड़ों में खेलते हैं इस तारीख को जन्में लोग, टाटा-अंबानी भी इस लिस्ट में पति पर जान लुटाती हैं इस तारीख को जन्मीं लड़कियां, बनती हैं बेस्ट वाइफ झूठ बोलने से कतराती हैं इन तारीखों पर जन्मी लड़कियां, दिखावटी लोगों से करती हैं नफरत प्यार में अनलकी होते हैं इस तारीख को जन्में लोग, होती हैं 2 शादियां IAS सृष्टि ने पति नागार्जुन संग ऐसे बिताईं छुट्टियां, देखें तस्वीरें सर्दियों में घूमने के लिए बेस्ट हैं MP के ये 5 टूरिस्ट प्लेस, निहारते रह जाएंगे खूबसूरती इस तारीख को जन्म लेने वाली लड़कियां खोल देती हैं पति की किस्मत का ताला महिलाओं में 30 की उम्र के बाद आता है ये बड़ा बदलाव, जिसे जान लें पुरुष टीवी के ‘कृष्ण’ के घर में मची महाभारत, IAS पत्नी के खिलाफ की ये शिकायत ‘चांदी का चम्मच’ लेकर पैदा होते हैं इन तारीखों में जन्में लोग