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Chhatarpur: संत ने पहले कांग्रेस के पूर्व विधायक को डंडे मारकर भगाया, फिर भगवान राम के सामने ऐसे हुआ समझौता

लोकेश चौरसिया

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न्यूज़ हाइलाइट्स

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पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी और मंहत सीताराम दास के बीच विवाद हुआ था.

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अब इस मामले में महंत और पूर्व विधायक के बीच सुलह हो गई है.

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दोनों ने भगवान राम के सामने समझौता किया.

MP News: टीकमगढ़ जिले के त्रिदेव हनुमान मन्दिर परिसर में पिछले दिनों 22 जून को छतरपुर के पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी पज्जन और मंहत सीताराम दास के बीच विवाद का एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हुआ था. महंत सीताराम दास ने पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी और उनके सहयोगियों को डंडे से मारकर अपने आश्रम से भगा दिया था, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हुआ था. अब इस मामले में मामले में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है.

महंत सीताराम दास और कांग्रेस के पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी पज्जन के बीच विवाद की चर्चा पूरे प्रदेश भर में होने लगी थी. दोनों ने एक-दूसरे के ऊपर गंभीर आरोप लगाए थे. अब दोनों के बीच समझौता हो गया है. दोनों ने भगवान राम के सामने समझौता किया. समझौते के बाद महंत ने पूर्व विधायक को माफ करते शॉल ओढ़ाया. 

राजा राम की नगरी में हुई सुलह

22 जून को ये विवाद हुआ था. विवाद के 6 दिन बाद 27 जून को बाबा और पूर्व विधायक के बीच रामराजा की नगरी ओरछा में समझौता हुआ. निर्मोही अखाड़े के पंच महंत भगवान दास सिंगारी ने दोनों के बीच सुलह कराई, जिसमें यह तय हुआ कि भविष्य में न महंत सीताराम दास भी बात करेंगे और ना ही कांग्रेस के पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी पज्जन बात करेंगे. इसका लिखित में भी समझौता हुआ और उसकी एक कॉपी टीकमगढ़ एसपी तक भी भेजी गई, ताकि पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी एवं एक अन्य साथियों पर हुई FIR में भी पूर्व विधायक को राहत मिल सके.

क्या है विवाद की जड़?

पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी की व्यावसायिक फर्म खजुराहो मिनरल्स को टीकमगढ़ जिले के बैतपुर गांव में खदान संचालित होनी थी, जिसमें हजारों पेड़ काटे जाने थे, जिसकी सूचना धजराई तिगेला के त्रिदेव हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास को लगी तो उन्होंने खदान का विरोध किया और मौके पर पहुंचकर खदान की बाउंड्री को तोड़ दिया था. इसके साथ ही पेड़ों पर चिपको आंदोलन भी चलाया था. 

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बाबा ने पूर्व विधायक के सहयोगियों को डंडे से भगाया

जब इसकी जानकारी कांग्रेस के पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी को लगी तो वह अपने साथियों के साथ बाबा सीताराम दास  से बात करने उनके आश्रम पर पहुंचे. जिसके बाद वहां विवाद खड़ा हो गया था. बाबा ने गुस्से में आकर पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी एवं उनके साथियों को डंडा मारकर आश्रम से भगा दिया था. इतना ही नहीं बाबा सीताराम दास ने पूर्व विधायक एवं उनके साथियों पर कार्यवाही की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया था, जिस पर देहात थाना पुलिस ने धारा 147,149 ,323, 452 के तहत पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी एवं उनके एक अन्य साथी के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

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